UPPSC topper Harivendra Singh Gurjar: एक ऐसा गाँव जहाँ पढ़ाई को लेकर कोई खास जागरूकता नहीं थी। जहाँ लड़कियाँ स्कूल तक नहीं जा पातीं। जहाँ आर्मी को ही सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता था। उसी गाँव के एक लड़के ने UPPCS 2024 में Rank 24 हासिल की और SDM बन गया। यह कहानी है Harivendra Singh Gurjar की आगरा जिले के छोटे से गाँव रिछवास से निकले उस देसी लड़के की, जिसने साबित किया कि बैकग्राउंड छोटा हो सकता है, लेकिन हौसला नहीं।
Background — कहाँ से आते हैं Harivendra?
हरिवेंद्र आगरा जिले के रिछवास गाँव से हैं आगरा शहर से करीब 55 किलोमीटर दूर। यह वो इलाका है जहाँ शिक्षा का स्तर अभी भी काफी कम है।
उनके दादाजी ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे। माँ को भी ज्यादा पढ़ने का मौका नहीं मिला। घर में जब रिजल्ट आया और मंत्री तक गाँव में आने लगे — तब भी घर वालों को यह नहीं पता था कि उनका बेटा “SDM” क्या होता है। लेकिन उन्हें बस इतना पता था — “बेटे ने कुछ तगड़ा किया है।”
UPPCS की तैयारी कैसे शुरू हुई?
हरिवेंद्र ने असल में UPSC की तैयारी शुरू की थी। UPPCS उसके साथ-साथ हो गई जैसा वो खुद कहते हैं:
“गेहूं की तैयारी चालू की थी UPSC की, और घुन को यहाँ UPPCS में लपेट दिया।”
उन्होंने PW UPPCS के Safalta Batch 2024 से तैयारी की। GS 5 और GS 6 के लिए रमेश सर के नोट्स पर पूरा भरोसा रखा — और वही काम आया।
UPSC में क्या हुआ?
हरिवेंद्र ने UPSC का Interview भी दिया और 190 अंक हासिल किए — जो बेहद अच्छा स्कोर है। लेकिन Final Cutoff से सिर्फ 9 अंक से रह गए। वो दिन बहुत मुश्किल था। घर वालों को बताना मुश्किल था। वो जयपुर चले गए। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने पसंदीदा पार्क में जाते, शांत होते और फिर पढ़ाई में लग जाते।
Success का असली Secret क्या था?
हरिवेंद्र की जर्नी से कुछ बातें सीखने लायक हैं:
1. Purpose याद रखो वो कहते हैं — जब भी Distraction आए, याद करो कि घर से किसने भेजा है और क्यों। जब Purpose clear हो, तो भटकना मुश्किल हो जाता है।
2. बड़े भाई का साथ आर्मी में तैनात बड़े भाई का रोज सुबह-शाम फोन आता था — चाहे वो लेह में हों या लद्दाख में। बस एक बात: “तुम मेहनत करो, बाकी हम देख लेंगे।” यह Support बहुत बड़ी ताकत थी।
3. छोटे भाई की देखभाल तैयारी के दौरान छोटा भाई साथ रहता था। नाश्ता लाता, जगाता, ख्याल रखता। हरिवेंद्र मानते हैं — “अगर वो नहीं होता तो शायद यहाँ तक पहुँचना इतना आसान नहीं होता।”
4. खुश रहो, फोकस रहो वो रात को पढ़ने वाले इंसान थे। सुबह 7 बजे जब सब उठते थे, वो तब सोने जाते थे। अपना Routine उन्होंने खुद बनाया किसी के बताए ढाँचे में नहीं ढले।
Exam Hall की एक Interesting Story
UPPCS Exam से पहले हरिवेंद्र दिल्ली से ट्रेन पकड़ रहे थे। उन्होंने सोचा — सुबह 4 बजे पहुँचकर आराम करूंगा और कल Paper फाड़ दूंगा। लेकिन ट्रेन लेट हो गई और रात 12 बजे पहुँची। इसी दौरान उन्होंने हिंदी दो-तीन बार Revise कर ली। और भगवान की कृपा — अगले दिन Paper में वही Pattern आया जो उन्होंने पढ़ा था।
“जो पढ़ के गया था, वही आया। मजे ही डाट दिए।”
Result का वो यादगार दिन
Result आने की रात — बड़े भाई जयपुर स्टेशन पर रुके थे कि Result आए तो घर चलें। हरिवेंद्र GS 1 Revise करके सो गए। रात 11:45 बजे साथी धीरज भाई ने जगाया “भाई, SDM बन गए। 24वीं Rank आई है।” घर वालों को पता नहीं था UPPCS क्या होता है। लेकिन जब मंत्री गाँव में आने लगे, जब पूरा गाँव सड़क पर आ गया तब उन्हें समझ आया कि बेटे ने सच में कुछ बड़ा कर दिखाया है।
गाँव में कैसा था Celebration?
हरिवेंद्र खुद कहते हैं — “मैंने सोचा था 500 लोग आएंगे। लेकिन पूरा गाँव उमड़ पड़ा था। रास्ते पर चक्का जाम हो गया था।”
जो गाँव कभी नक्शे पर नहीं था, आज उसी रिछवास गाँव से एक SDM निकला है। और हरिवेंद्र कहते हैं “यह सिर्फ एक कड़ी है। अब यहाँ से और लोग निकलेंगे।”
Aspirants के लिए Harivendra का Message
“जिंदगी ऐसी जियो कि जिंदगी कम पड़ जाए, हँसो इतना कि रोना कम पड़ जाए। Exam को दुश्मन मानो और उसे Crack करो।”
- खुश रहो — जो खुश रहते हैं, उनकी Rank अच्छी आती है।
- Purpose याद रखो — 4 दिन में बत्ती घुमाने का सोचोगे तो सिर्फ “हरियाली” ही दिखेगी।
- सही Guidance लो — गुरु छोटा-बड़ा मत देखो, जो सही दिशा दिखाए वो काफी है।
- Low Phase आएगा — पार्क जाओ, दोस्तों से मिलो, चाय पियो। भगवान पर भरोसा रखो।
Conclusion
हरिवेंद्र सिंह गुर्जर की कहानी सिर्फ एक Rank की कहानी नहीं है। यह उस हर देसी लड़के की कहानी है जो छोटे गाँव से बड़ा सपना लेकर चला था। जिसे कोई Guide नहीं था, जिसके पास कोई बड़ा Background नहीं था लेकिन जिसके पास था एक ज़िद्दी इरादा।
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राधे राधे 🙏

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