Delhi Weather Heatwave Yellow Alert 2026: देश की राजधानी दिल्ली में अप्रैल के महीने में ही जून जैसी तपिश महसूस की जा रही है। मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) को लेकर येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी कर दिया है। बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को दिल्ली का अधिकतम तापमान 41 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 से 4 डिग्री अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 23 अप्रैल तक पारा 44 डिग्री के स्तर को भी छू सकता है।
दिल्ली की इस तपती गर्मी ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि शहर की आबोहवा यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को भी ‘खराब’ श्रेणी में धकेल दिया है। आसमान से बरसती आग और धूल भरी गर्म हवाओं ने दिल्लीवासियों की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं।
Extreme Weather Forecast: दिल्ली में क्यों बढ़ रही है इतनी गर्मी?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत से आ रही शुष्क और गर्म हवाओं (Dry West Winds) के कारण दिल्ली के तापमान में यह उछाल देखा जा रहा है। 22 से 24 अप्रैल के दौरान दिल्ली के कई इलाकों जैसे मुंगेशपुर, नजफगढ़ और पीतमपुरा में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की आशंका है।
रातों के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे दिल्ली वालों को रात में भी चैन नहीं मिल रहा है। आईएमडी के बुलेटिन के मुताबिक, आने वाले 5 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है और आसमान पूरी तरह साफ रहेगा, जिससे सूरज की सीधी किरणें धरती को और ज्यादा तपाएंगी।
Air Quality Deterioration: गर्मी के साथ प्रदूषण का डबल अटैक
भीषण गर्मी के बीच दिल्ली की हवा भी जहरीली होती जा रही है। बुधवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 216 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में आता है। तापमान बढ़ने और हवा की गति कम होने के कारण धूल के कण और प्रदूषक तत्व वायुमंडल के निचले स्तर पर जमा हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर के समय चलने वाली तेज हवाएं (Gusty Winds) धूल के गुबार पैदा कर रही हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। यदि हवा की रफ्तार में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और भी बिगड़ सकता है।
Health Advisory: लू और हीटवेव से बचने के लिए क्या करें?
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दिल्लीवासियों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्मी के इस ‘तांडव’ से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय कारगर साबित हो सकते हैं:
- हाइड्रेशन पर दें ध्यान: प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी पीते रहें। ओआरएस (ORS), नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करता है।
- पीक आवर्स में बाहर न निकलें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, बाहर जाने से बचें। यदि जाना जरूरी हो, तो सिर को छाते, टोपी या सूती कपड़े से ढक कर रखें।
- हल्के कपड़े पहनें: शरीर को ठंडा रखने के लिए ढीले और हल्के रंग के सूती कपड़े ही पहनें। सिंथेटिक कपड़ों से बचें क्योंकि वे पसीना नहीं सोखते।
- खान-पान का रखें ख्याल: गर्मियों में हल्का भोजन करें। खीरा, तरबूज और संतरा जैसे पानी से भरपूर फलों को अपनी डाइट में शामिल करें।
Experts Opinion: क्या मानसून तक जारी रहेगी यह स्थिति?
जलवायु विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग और स्थानीय पारिस्थितिक बदलावों के कारण अप्रैल में हीटवेव की घटनाएं सामान्य होती जा रही हैं। दिल्ली में 2026 का यह समर सीजन पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अधिक आक्रामक नजर आ रहा है। राहत की बात केवल इतनी है कि शनिवार (25 अप्रैल) के बाद आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं, लेकिन तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद फिलहाल नहीं है।
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने भी अस्पतालों को हीटस्ट्रोक के मरीजों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। यदि आपको चक्कर आना, अत्यधिक सिरदर्द या मतली जैसे लक्षण महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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