केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ी बात सामने आई है। हाल ही में चंडीगढ़ में कर्मचारी संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़ी मुख्य मांगों पर गहन चर्चा की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी वेतन आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों को लेकर सरकार के समक्ष एक ठोस खाका पेश करना था।
चंडीगढ़ बैठक में किन मुद्दों पर बनी सहमति?
चंडीगढ़ में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की बैठक में विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में मुख्य रूप से कर्मचारियों के बुनियादी वेतन (Basic Pay) में सुधार और महंगाई से राहत दिलाने वाले भत्तों पर सहमति जताई गई।
बैठक के दौरान निकलकर आए 3 सबसे प्रमुख बिंदु:
- 3.5 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) लागू करने की मांग:कर्मचारी यूनियनों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.5 करने की है। यदि सरकार इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹63,000 प्रति माह हो सकती है। 7वें वेतन आयोग के समय फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था।
- DA (महंगाई भत्ता) समायोजन को लेकर स्पष्टता:बैठक में मांग की गई कि जब भी महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) 50% के आंकड़े को पार करे, उसे मूल वेतन में मर्ज करने या उस अनुपात में वेतन संरचना की समीक्षा करने की पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
- वर्ष में 4 बार DA वृद्धि पर चर्चा:कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने वर्तमान व्यवस्था (वर्ष में 2 बार DA संशोधन) के बजाय इसे वर्ष में 4 बार (हर तिमाही) संशोधित करने का प्रस्ताव रखा। तर्क यह दिया गया कि खाद्य पदार्थों और दैनिक वस्तुओं की कीमतों में तेजी से हो रहे बदलावों के कारण छमाही आधार पर मिलने वाली राहत अपर्याप्त साबित हो रही है।
8th Pay Commission Big Update – फिटमेंट फैक्टर 3.5 होने से वेतन पर क्या असर पड़ेगा?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक (multiplier) होता है जिसका उपयोग कर्मचारियों के बेसिक पे और पेंशन की गणना के लिए किया जाता है।
- वर्तमान स्थिति (7th Pay Commission): फिटमेंट फैक्टर 2.57 (न्यूनतम बेसिक पे: ₹18,000)
- प्रस्तावित स्थिति (8th Pay Commission): फिटमेंट फैक्टर 3.50 (प्रस्तावित न्यूनतम बेसिक पे: ₹63,000)
| पद/स्तर | वर्तमान बेसिक सैलरी (7th CPC) | 3.5 फिटमेंट फैक्टर के बाद अनुमानित बेसिक |
| न्यूनतम स्तर (Level 1) | ₹18,000 | ₹63,000 |
| मध्यम स्तर (Level 6) | ₹35,400 | ₹1,23,900 |
(नोट: अंतिम आंकड़े वेतन आयोग की आधिकारिक रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होंगे।)
कब तक लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?
आमतौर पर केंद्र सरकार हर 10 साल में नए वेतन आयोग का गठन करती है। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था। इस परंपरा के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाना प्रस्तावित है।
कर्मचारी संघों का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के नामों की घोषणा करनी चाहिए ताकि सिफारिशें तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
कर्मचारियों के लिए आगे की राह
चंडीगढ़ बैठक के निष्कर्षों के आधार पर कर्मचारी संघ जल्द ही वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को अपना विस्तृत ज्ञापन (Memorandum) सौंपेंगे। आने वाले बजट सत्र और सरकारी घोषणाओं पर देश के लगभग 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों की निगाहें टिकी रहेंगी।