Gold & Silver Crash: 34 दिन में हज़ारों रुपये टूटे दाम, निवेशकों की सोच भी बदली

Gold & Silver Crash अगर आप इन दिनों सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे थे, तो बाजार की ये हलचल आपको चौंका सकती है पिछले कुछ हफ्तों में जो तेजी देखने को मिली थी, वो अचानक ढीली पड़ गई है हालात ऐसे बन गए हैं कि जिन लोगों ने ऊंचे दाम पर खरीदारी की थी, अब वही कीमतें तेजी से नीचे फिसलती दिख रही हैं गुरुवार को भी बाजार में गिरावट जारी रही.

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत एक झटके में करीब 4,245 रुपये टूटकर 10 ग्राम के लिए लगभग 1.47 लाख रुपये पर आ गई एक दिन पहले यही सोना 1.51 लाख के आसपास था चांदी की बात करें तो उसमें गिरावट और तेज दिखी—करीब 12 हजार रुपये की कमी के बाद एक किलो चांदी अब 2.28 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई है।

जंग के बीच क्यों टूट रहे हैं सोने-चांदी के दाम

जनरली जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, खास तौर पर जब जंग जैसी स्थिति बनती है तो सोना-चांदी महंगे हो जाते हैं लेकिन इस बार तस्वीर थोड़ी अलग है अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद निवेशक सोने की तरफ भागने के बजाय उससे बाहर निकलते दिख रहे हैं.
इसकी सबसे बड़ी वजह है अनिश्चितता क्योंकि ऐसे माहौल में बड़े निवेशक नकद पैसा अपने पास रखना ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं. यानी लोग सोना बेचकर कैश इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल कर सकें यही वजह है कि बाजार में सप्लाई बढ़ी और दाम नीचे आ गए।

34 दिनों में सोना ₹12 हजार और चांदी ₹39 हजार सस्ती

अगर पिछले 1 माह का बायोडाटा देखा जाए तो गिरबात और साफ नजर आती है करीब 34 दिनों में सोना लगभग 12,000 रुपये तक सस्ता हो चुका है वहीं चांदी की गिरावट तो और भी ज्यादा है करीब 39,000 रुपये तक नीचे आ चुकी है यह सिर्फ एक दिन की गिरावट नहीं है, बल्कि लगातार दबाव बना हुआ है बाजार में जो तेजी जनवरी में दिख रही थी, अब वही उलटती नजर आ रही है।

ऑल टाइम हाई से अब तक कितना नीचे आ चुका है सोना

साल की शुरुआत में सोने ने रिकॉर्ड बनाया था. ओर जनवरी के आखिर में इसकी कीमत करीब 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। इस समय सोना अपने उच्चतम स्तर से लगभग 30 हजार रुपये नीचे चल रहा है यानी जिन्होंने ऊंचे स्तर पर निवेश किया था, उनके लिए ये गिरावट बड़ी चिंता का कारण बन सकती है।

चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव, तेजी से टूटा मार्केट

सोने के मुकाबले चांदी में हमेशा ज्यादा अस्थिरता ही रहती है और इस बार भी वही देखने को मिला. जनवरी में चांदी करीब 3.86 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी, लेकिन अब गिरकर 2.28 लाख के आसपास आ चुकी है.

मतलब करीब 63 दिनों में चांदी में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है यह गिरावट बताती है कि चांदी में जोखिम भी ज्यादा है और उतार-चढ़ाव भी तेज होता है।

आखिर क्या हैं गिरावट के असली कारण

इस पूरे मामले की जांच करने पर पता चला कि यह सिर्फ एक कारण से नहीं बल्कि कई मामलों से मिलकर यह समस्या उत्पन्न हुई है

पहली बात, बड़े निवेशकों ने जनवरी में जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर थीं, तब मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। इससे बाजार में बिकवाली बढ़ गई।

दूसरी बात, अमेरिका की तरफ से ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बना हुआ है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो लोग सोने जैसे एसेट से दूर रहते हैं क्योंकि वहां कोई ब्याज नहीं मिलता।

तीसरी और सबसे अहम बात वैश्विक तनाव के बावजूद इस बार निवेशकों का भरोसा कैश पर ज्यादा दिख रहा है। यही ट्रेंड इस गिरावट को और तेज कर रहा है।

डिस्क्लेमर – यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें

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