दोस्तों, Monsoon 2026 की चर्चा पूरे देश में जोरों पर है। अप्रैल 2026 में IMD ने अपना पहला लॉन्ग रेंज फोरकास्ट जारी किया और कहा कि इस बार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून below normal रहने वाला है। कुल बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का सिर्फ 92% (±5%) रहने की संभावना है। यह तीन साल बाद पहली बार है जब IMD ने कमजोर मॉनसून की भविष्यवाणी की है। अगर आप किसान हैं, ट्रैवल प्लान कर रहे हैं या बस जानना चाहते हैं कि इस साल बारिश कैसी रहेगी, तो यह आर्टिकल पूरा पढ़ें – हर सवाल का जवाब मिलेगा।
Monsoon 2026 IMD Forecast – क्या कह रहा है मौसम विभाग?
IMD के अनुसार, जून से सितंबर 2026 तक कुल बारिश 92% LPA रहने की संभावना है।
- Below Normal की श्रेणी: 90-95% LPA
- एल-नीño के विकसित होने की आशंका मुख्य वजह है, जो मॉनसून की दूसरी छमाही (जुलाई-सितंबर) में सबसे ज्यादा असर डालेगा।
- जून में सामान्य या थोड़ा बेहतर बारिश, लेकिन जुलाई, अगस्त और सितंबर में कमी।
Skymet Weather ने भी 94% LPA का अनुमान लगाया है। WMO (World Meteorological Organization) ने भी साउथ एशिया में below average मॉनसून की चेतावनी दी है।
Monsoon 2026 Onset Date – कब आएगा मॉनसून?
- केरल में ऑनसेट: सामान्य तारीख के आसपास, यानी 1 जून 2026 के करीब।
- अंडमान-निकोबार: 14-20 मई तक पहुंच सकता है।
- मुंबई: 10 जून के आसपास।
- दिल्ली-NCR: 27-30 जून तक।
- पूरी भारत में कवरेज: जुलाई के पहले हफ्ते तक।
ECMWF जैसे ग्लोबल मॉडल्स थोड़ी early arrival की संभावना जता रहे हैं, लेकिन IMD अभी सामान्य तारीख पर टिका है।
Monsoon 2026 का राज्य-वार पूर्वानुमान
- उत्तर भारत (दिल्ली, UP, राजस्थान, पंजाब): Below normal बारिश, खासकर जुलाई-सितंबर में।
- मध्य भारत: सबसे ज्यादा प्रभावित, फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
- पश्चिमी घाट और दक्षिण भारत: बेहतर बारिश की उम्मीद।
- पूर्वोत्तर: सामान्य से ज्यादा बारिश, बाढ़ का खतरा।
कुछ इलाकों में extreme rainfall events (भारी बारिश) बढ़ सकते हैं, भले ही कुल बारिश कम हो।
Monsoon 2026 पर एल-नीño का असर
एल-नीño के विकसित होने से मॉनसून कमजोर पड़ता है। 2026 में यह जून के बाद मजबूत होने की आशंका है। पिछले एल-नीño सालों (जैसे 2009) में बारिश बहुत कम हुई थी। IMD का कहना है कि यह प्रभाव मुख्य रूप से दूसरी छमाही में दिखेगा।
किसानों, आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?
- कृषि: खरीफ फसलों (धान, मक्का, सोयाबीन) पर असर। पानी की कमी वाले इलाकों में सावधानी बरतें।
- पानी: जलाशय कम भरेंगे, ड्रिंकिंग वॉटर और सिंचाई पर दबाव।
- अर्थव्यवस्था: फूड इन्फ्लेशन बढ़ सकता है।
- सकारात्मक पक्ष: अगर extreme rains अच्छे से मैनेज किए गए तो बाढ़ से बचाव संभव।
Monsoon 2026 के लिए किसानों की सलाह:
- जल्दी बुआई करें।
- कम पानी वाली फसलें चुनें।
- ड्रिप इरिगेशन और वॉटर हार्वेस्टिंग पर फोकस करें।
Monsoon 2026 की तैयारी:
- घर में पानी बचाएं।
- फसल बीमा करवाएं।
- IMD ऐप और mausam.imd.gov.in पर नियमित अपडेट चेक करें।
निष्कर्ष
Monsoon 2026 इस बार सामान्य से कमजोर रहने वाला है। IMD का 92% LPA फोरकास्ट किसानों और आम लोगों दोनों के लिए चेतावनी है। जून अच्छा शुरू हो सकता है, लेकिन जुलाई-सितंबर सावधानी बरतनी होगी। एल-नीño का प्रभाव और क्लाइमेट चेंज दोनों को ध्यान में रखकर तैयारी करें। ज्यादा जानकारी के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट या लोकल मौसम विभाग से संपर्क करें। बारिश की उम्मीद रखते हुए सतर्क रहें – स्वस्थ रहें, तैयार रहें!
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- IMD ने Monsoon 2026 के लिए क्या फोरकास्ट किया है?
92% LPA, below normal (90-95%)। - केरल में मॉनसून कब पहुंचेगा?
1 जून 2026 के आसपास। - एल-नीño का मॉनसून पर क्या असर पड़ेगा?
दूसरी छमाही (जुलाई-सितंबर) में बारिश कम हो सकती है। - Monsoon 2026 में दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा?
जून के अंत में पहुंचेगा, कुल बारिश below normal। - क्या इस बार बाढ़ का खतरा है?
Extreme rainfall events बढ़ सकते हैं, भले कुल बारिश कम हो। - किसान Monsoon 2026 के लिए क्या तैयारी करें?
जल संरक्षण, कम पानी वाली फसलें और बीमा।
Disclaimer: यह आर्टिकल IMD, Skymet, WMO, PIB और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से 8 मई 2026 तक उपलब्ध ताजा जानकारी पर आधारित है। मौसम पूर्वानुमान बदल सकते हैं। लेटेस्ट अपडेट के लिए mausam.imd.gov.in चेक करें।

मेरा नाम कृष्ण शर्मा है। मैं शिवपुरी जिले (मध्य प्रदेश) का रहने वाला हूं। मैं इस फील्ड में करीब 3 वर्षों से आप लोगों के बीच कार्य करता आ रहा हूं। इससे पहले भी मैंने इस फील्ड में सफलतापूर्वक वेबसाइट्स का संचालन किया है। उसी पुराने अनुभव और विश्वास के साथ मैं दोबारा इस फील्ड में कार्य करने आया हूं। मेरा उद्देश्य केवल आर्टिकल लिखना नहीं, बल्कि अपने विजिटर्स को सही, सटीक तथा जल्द से जल्द जानकारी पहुंचाने का कार्य करना है।